- आशीष सूद ने आज गुजरात के सूरत शहर में संचालित नई शिक्षा प्रणाली की समीक्षा की।
नई दिल्ली । 28 जून 25 । दिल्ली के गृह, ऊर्जा, उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा तथा शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने आज गुजरात में शैक्षिक भ्रमण के दौरान गुजरात के सूरत शहर में संचालित नई शिक्षा प्रणाली की समीक्षा की। इस अवसर पर सूद ने सूरत महानगरपालिका के आधीन संचालित सुमन हाईस्कूल नं. 6 उधना विद्यालय का दौरा भी किया।

शिक्षा मंत्री ने विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों द्वारा स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल के विद्यार्थियों से बातचीत कर स्मार्ट बोर्ड की उपयोगिता और उनसे मिलने वाली शैक्षिक सुविधाओं की जानकारी भी ली।
सूद ने विद्यालय की AI और रोबोटिक्स लैब को भी देखा । इस दौरान उन्होंने छात्रों द्वारा ड्रोन, 3D प्रिंटर, एडवांस सेंसर सिक्योरिटी जैसे विषयों पर चल रहे प्रैक्टिकल कार्यों का निरीक्षण किया। छात्रों से संवाद करते हुए सूद ने उनके प्रयासों की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

शिक्षा मंत्री ने गुजरात में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली के विद्यालयों में भी गुजरात राज्य की तर्ज पर AI, स्मार्ट बोर्ड और रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं वाली शिक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। सूद ने विश्वास व्यक्त किया कि इससे दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर तो बेहतर होगा ही बल्कि बच्चों को नई तकनीकों का भी ज्ञान होगा।
आशीष सूद ने गुजरात में शिक्षा के सर्वश्रेष्ठ मॉडलों का अध्ययन करने के दौरान दिल्ली के शिक्षा मॉडल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की स्वघोषित दिल्ली मॉडल और उसके स्वयंभू आम आदमी पार्टी के शिक्षा मंत्री जो शराब घोटाले में जेल जा चुके हैं पूरी तरह विफल हो चुके हैं। देश की राजधानी होने के बावजूद, जहाँ सभी संसाधन उपलब्ध हैं, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में महज कुछ सौ स्मार्ट बोर्ड लगे हैं। दूसरी ओर, गुजरात जैसे राज्य, जहाँ हर साल कई जिलों में बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, वहाँ एक लाख से अधिक स्मार्ट क्लासरूम सफलतापूर्वक बनाये गए हैं। यह तथाकथित दिल्ली मॉडल की विफलता को पूरी तरह उजागर करता है।
सूद की यह यात्रा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन और विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम शैक्षिक पद्धतियों का अवलोकन करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि गुजरात ने सरकारी स्कूलों में जो बदलाव किए हैं, वे सराहनीय हैं और अन्य राज्यों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।

इस अवसर पर सूरत जिले के जिला शिक्षधिकारी, नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शासनाधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षणाधिकारी तथा विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
