आपातकाल की 50वीं बरसी पर एनडीएमसी परिषद ने लोकतंत्र के काले अध्याय की निंदा कर प्रस्ताव पारित किया: कुलजीत सिंह चहल

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  • NDMC ने मोदी के विकसित भारत@2047 के विज़न के अनुरूप परियोजनाओं व बुनियादी ढांचे को मंजूरी दी
  •  एनडीएमसी ने 5 पर्यावरण अनुकूल सीएनजी “रोड स्वीपर मशीनों” की खरीद को मंजूरी दी

नई दिल्ली । 25 जून 2025 । नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की परिषद बैठक आज आयोजित की गई, जिसमें नागरिक सुविधाओं में सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास और जनकल्याण से जुड़ी कई प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी गई। इस बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने की। बैठक में नई दिल्ली की सांसद बंसुरी स्वराज, परिषद अध्यक्ष केशव चंद्र, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, विधायक एवं परिषद सदस्य वीरेंद्र सिंह कादियान तथा परिषद सदस्य अनिल वाल्मीकि और सरिता तोमर भी उपस्थित रहे।

आपातकाल की निंदा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि बैठक में सभी परिषद सदस्यों ने सर्वसम्मति से 25 जून 1975 को लगे आपातकाल की 50वीं बरसी पर एक निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में उस दौर को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया गया, जब नागरिकों के मौलिक अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कुचल दिया गया था। परिषद ने इस ऐतिहासिक भूल से सीख लेते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।

मुख्य प्रस्ताव को स्वीकृति:

5 (पाँच) नई सीएनजी ऑपरेटेड मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनों की खरीद

एनडीएमसी क्षेत्र में बढ़ते धूल प्रदूषण और वायु गुणवत्ता की गिरावट को देखते हुए परिषद ने 5 नई सीएनजी संचालित रोड स्वीपर मशीनों की खरीद को मंजूरी दी। 2017-18 में खरीदी गई पुरानी मशीनें अब जर्जर हो चुकी हैं और बार-बार खराब हो रही हैं, जिससे प्रतिदिन 365 किलोमीटर सड़क की सफाई का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है।
चहल ने बताया कि स्वच्छता विभाग रोजाना वायु गुणवत्ता की निगरानी करता है और इसकी रिपोर्ट सीपीसीबी, डीपीसीसी और सीएक्यूएम जैसी संस्थाओं को भेजता है। एनजीटी के निर्देशों के अनुसार डीज़ल वाहनों के पंजीकरण पर रोक के तहत सीपीसीबी ने इन मशीनों की खरीद के लिए आर्थिक सहायता देने पर सहमति दी है।

परिषद ने ₹6,69,50,000 की अनुमानित लागत के लिए प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। इससे राजधानी के इस वीवीआईपी क्षेत्र में निरंतर मैकेनाइज्ड सफाई सुनिश्चित हो सकेगी और धूल प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी।

बैठक में दिए गए अन्य सुझाव:

 धार्मिक स्थलों पर नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाए:
बैठक में माननीय मंत्री श्री प्रवेश वर्मा ने सुझाव दिया कि एनडीएमसी क्षेत्र के मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर जल आपूर्ति, सफाई, बागवानी, प्रकाश व्यवस्था, नागरिक निर्माण कार्य आदि सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, सुरक्षित और श्रद्धास्पद वातावरण मिल सके।

 सेवा बस्तियों (JJ Clusters) में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई जाएं:

उन्होंने कहा कि सेवा बस्तियों में स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन, जल उपलब्धता, स्ट्रीट लाइट और फुटपाथ की मरम्मत जैसी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर दी जानी चाहिए। यह विकसित भारत@2047 के समावेशी और संतुलित विकास के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

महिलाओं के लिए विशेष पहल: – एनडीएमसी के हर बाजार में ‘पिंक टॉयलेट’

उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सार्वजनिक स्थान सुनिश्चित करने की दिशा में हर बाजार में एक पिंक टॉयलेट बनाने का सुझाव रखा।

उन्होंने कहा कि इन टॉयलेट्स में महिला सुरक्षा गार्ड और महिला सफाई कर्मचारी की तैनाती की जाएगी। साथ ही, वहां सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, बेबी केयर ज़ोन, पीने के पानी जैसी आधुनिक सुविधाएं भी होंगी।

यह पहल नारी शक्ति को सशक्त करने और महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत@2047 के सपने को मजबूती देगा।

कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि ये सभी नागरिक हितों से जुड़ी योजनाएं और सुझाव एनडीएमसी के सक्रिय प्रशासनिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं, जो नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विज़न के अनुरूप राजधानी को स्वच्छ, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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