•मनोज तिवारी ने युवाओं और गैर राजनीतिक लोगों से साझा की क्रूर आपातकाल की हकीकत**
नई दिल्ली । 25 जून 25। उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने आज यमुना विहार स्थित जिला कार्यालय पर जिले के सैकड़ो युवाओं और गैर राजनीतिक लोगों से कांग्रेस विचार से उत्पन्न हुए आपातकाल की क्रूर हकीकत को साझा किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दो यू के चौधरी मास्टर विनोद कुमार पूर्व जिला अध्यक्ष पूनम चौहान उपाध्यक्ष सचिन मावी भाजपा नेता आनंद त्रिवेदी संजीव चौधरी जगत नारायण गुप्ता अमर राय जिला मीडिया संयोजक दीपक चौहान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र देश की आत्मा है और आपातकाल लोकतंत्र की हत्या कांग्रेस ने ऐसा करके ना सिर्फ देश की आत्मा पर चोट किया बल्कि जनसंघ और राष्ट्रवादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य संगठनों प्रतिष्ठान ऑन और प्रतिभावान लोगों के साथ क्रूर अत्याचार किया गया जिनका राष्ट्रवाद और लोकतंत्र से गहरा नाता था। चुनावी प्रक्रिया एक संवैधानिक व्यवस्था है जिससे सरकार बनती है और सरकार देश को सुचारू रूप से चलने का माध्यम बनती है लेकिन कांग्रेस ने अपना वैचारिक भ्रष्टाचार जनता पर थोपने के लिए देश में आपातकाल जैसी क्रूर व्यवस्था कायम की।
सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि जिसने भी कांग्रेस के वैचारिक भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई उसे अकारण जेल में डाल दिया गया यातनाएं दी गई कुछ समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को देश की संवैधानिक संस्था न्यायालय ने जब संसद के अंदर वोट के अधिकार से वंचित किया तो बौखला कर उन्होंने देश के लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था से ही वंचित कर दिया पत्रकारों नेताओं यहां तक की सरकार के सहयोगी भी अगर इंदिरा गांधी के खिलाफ विचार करने के लिए आए तो उन्हें भी जेल में डाल दिया गया इस तरह की गणित और हरकत की ना संविधान में जगह होनी चाहिए ना भारत के लोकतांत्रिक विचार में किस लिए हम आपको याद दिलाने के लिए यहां एकत्र हुए हैं कि जिस विचार से लोकतंत्र समाप्त होता हो और राष्ट्रवादियों की आजादी कुछ विचार का देश से समूल नास होना ही देश के हित में है। और देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार अंत्योदय का विकास और देश के विरोध की ताकतों का जड़ से समापन करने के लिए दिन-रात अग्रसर है और करोड़ों देशवासी राष्ट्रवाद की विचारधारा में शामिल हो रहे हैं।
