नई दिल्ली। 22 जून 25 । जल शक्ति मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम WAPCOS लिमिटेड, जो वर्षों तक उत्कृष्टता और मुनाफे का प्रतीक रहा, अब गहरे संकट का सामना कर रहा है। वर्तमान अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) आर. के. अग्रवाल के नेतृत्व में कंपनी की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
मुख्य बिंदु जिनसे गिरावट आई:
1969 में स्थापित WAPCOS ने 50 वर्षों से अधिक समय तक लगातार मुनाफा कमाया और 11 वर्षों तक ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग प्राप्त की।
पूर्व प्रबंधन के दौरान कंपनी ने नियमित रूप से लाभांश वितरित किया, बोनस शेयर जारी किए और कर्मचारियों को उत्पादकता आधारित प्रोत्साहन (PLI) प्रदान किया।

आर. के. अग्रवाल की CMD के रूप में नियुक्ति के बाद से कंपनी में तथाकथित कुप्रबंधन, खरीद में भ्रष्टाचार और परियोजना निष्पादन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर, पक्षपात और प्रक्रियात्मक उल्लंघन के विश्वसनीय संकेत मिले हैं, जिससे कंपनी की साख को गहरी चोट पहुंची है। उनके कार्यकाल मे अनुभवी और कुशल कर्मचारियों का बड़े पैमाने पर पलायन हुआ है।
लगातार वित्तीय घाटे के चलते कर्मचारियों के वेतन और डीए का लगभग 50% रोका गया है और PLI का भुगतान भी नहीं किया गया।

इतिहास में पहली बार WAPCOS को सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा खराब मूल्यांकन मिला है।
WAPCOS जैसी प्रतिष्ठित PSU की गिरावट केवल आंतरिक संकट नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चिंता का विषय है।
हम जल शक्ति मंत्रालय और भारत सरकार से अपील करते हैं कि वे तत्काल, स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच प्रारंभ करें ताकि CMD श्री आर. के. अग्रवाल के कार्यकाल में हुए वित्तीय कुप्रबंधन, खरीद में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का खुलासा हो सके।
