- संगोष्ठी में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सतनारायण जटिया और टीवी जगत के जानेमाने पत्रकार श्री रजत शर्मा होंगे मुख्य वक्ता
नई दिल्ली, 23 जून 2025 । दिल्ली विधानसभा आगामी बुधवार को “आपातकाल @50 भारतीय लोकतंत्र और संविधान का सबसे अंधकारमय दौर: ना भूलें, ना क्षमा करें”(#संविधानहत्यादिवस), आपातकाल के 50 साल पूरे होने के विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन कर रही है।
इस संगोष्ठी के मुख्य वक्ता केंद्रीय राज्य मंत्री,भारत सरकार डॉ. जितेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री,भारत सरकार सत्यनारायण जटिया और टीवी जगत के जानेमाने पत्रकार रजत शर्मा होंगे।इस मौके पर दिल्ली विधान सभा की ओर से सूचनात्मक विचार पत्र भी जारी किया जाएगा।
यह संगोष्ठी भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास के एक अत्यंत कठिन और अंधकारपूर्ण अध्याय पर विमर्श करते हुए संविधानिक मूल्यों, नागरिक स्वतंत्रताओं तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए सतत सजगता की आवश्यकता को रेखांकित करेगी।
इसके अतिरिक्त, संगोष्ठी में प्रतिष्ठित विद्वानों, संविधान विशेषज्ञों, वरिष्ठ पत्रकारों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और आपातकाल के दौरान जेल में रहे साक्षात् अनुभवकर्ताओं की सहभागिता भी होगी, जो अपने अनुभव साझा करेंगे।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्तव्यों, चिंतनशील संवादों और व्यक्तिगत साक्ष्य प्रस्तुतियों के माध्यम से 1975–77 के कालखंड की घटनाओं तथा उनके भारतीय लोकतंत्र पर पड़े दूरगामी प्रभावों को गहराई से समझने का प्रयास किया जाएगा।
अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह संगोष्ठी न केवल तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष करने वालों को श्रद्धांजलि है, बल्कि यह युवा पीढ़ी के लिए एक चेतावनी भी है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग और प्रतिबद्ध रहें, ताकि राष्ट्र कभी फिर से वैसी अंधकारमय परिस्थिति का शिकार न हो — ना भूले, ना क्षमा करें।
