ऑपरेशन सिंधु- ईरान से 285 और नागरिक भारत पहुंचे

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नई दिल्ली, 23 जून 25। ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच ऑपरेशन सिंधु के तहत अब तक कुल 1,713 भारतीयों को निकाला गया है। मशहद से एक और प्लेन रविवार की रात 11:30 बजे 285 नागरिकों को लेकर नई दिल्ली पहुंचा।

इससे पहले 21 जून को 600, 20 जून को 407 और 19 जून को 110 भारतीय दिल्ली पहुंचे थे।

ईरान से दिल्ली पहुंचे इन यात्रियों ने एयरपोर्ट पर ‘वन्दे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। कुछ लोग भावुक भी हुए। उनकी आंखों में आंसू आ गए। कुछ ने जमीन पर माथा टेका।

दूसरी तरफ रविवार को 160 भारतीयों का जत्था इजराइल से निकाल लिया गया है, जो जॉर्डन पहुंच गया है। आज यह बैच दिल्ली पहुंचेगा।

इजराइल में करीब 40 हजार भारतीय नागरिक हैं, जिनमें केयरगिवर, छात्र, मजदूर शामिल हैं।

भारत लौटे लोगों ने क्या कहा…

  • तहमीना- हमने दुआ की थी सुरक्षित लौटने की, सरकार ने वो पूरी कर दी। हमें इस दौरान बेहतरीन सुविधाएं मिलीं।
  • मार्शल- भारत लौटकर जो महसूस हो रहा है, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय का धन्यवाद।
  • मोहम्‍मद अशफाक- अपने देश लौटकर अच्छा लग रहा है। वहां भारतीय दूतावास ने हमारी अच्छी देखभाल की, मैं उनका शुक्रगुजार हूं।
  • उस्ताक- मैं कश्मीर से हूं। ईरान में हालात ठीक नहीं हैं। हम भारत सरकार, कश्मीर प्रशासन और दूतावास के बहुत शुक्रगुजार हैं।
  • सैयद निहाल हैदर- भारत वापस आकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। जब हम वहां थे, तो लगा जैसे फंस गए हैं। लेकिन भारतीय सरकार ने हमारे लिए बहुत अच्छे इंतजाम किए।
  • फातिमा- मैं प्रधानमंत्री मोदी की बहुत आभारी हूं। अब अपने देश वापस आकर मुझे शांति महसूस हो रही है। अपने वतन वापस आना बहुत खुशी की बात है।
  • एलिया बतूल- मेरा परिवार बहुत परेशान था। यहां आकर हमें सुकून मिला। भारत सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद। हमें वहां कोई भी समस्या नहीं हुई, क्योंकि हमारे दूतावास ने हमारा बहुत साथ दिया।’
  • सैयद मंसूर हुसैन- सभी ने भारत मां की सरजमीं पर आकर सजदा किया। भारत सरकार का बहुत धन्यवाद। मैं भारत से प्यार करता हूं।

ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान से दिल्ली पहुंची प्रयागराज की रहने वालीं अलमास रिजवी ने कहा- हमें अच्छे होटल में रहने की जगह दी गई। समय पर लंच, डिनर, सब कुछ दिया गया। अपने देश में वापस आकर अच्छा लग रहा है। भारतीय दूतावास ने हमारी बहुत मदद की। भारत सरकार ने हमारी अच्छी देखभाल की। हमें यह एहसास भी नहीं होने दिया कि हम युद्ध जैसी स्थिति में रह रहे हैं।

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