स्कूलों में सांस्कृतिक गतिविधियाँ बच्चों में आत्मविश्वास जगा कर उनकी प्रतिभा को सही दिशा देती है – कपिल मिश्रा

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  • नन्हें कलाकारों की प्रतिभा से सजा ‘नटखट उत्सव-2025’
  • दिल्ली सरकार ने उभरती प्रतिभाओं को दिया मंच

नई दिल्ली,। 23 जून,2025 । दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने साहित्य कला परिषद की ओर से ऑल इंडिया फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स सोसायटी (AIFACS), 1 रफी मार्ग में आज से आयोजित वार्षिक ‘नटखट उत्सव-2025’ की सराहना की।
उन्होंने कहा, “ ‘नटखट उत्सव’ के साथ आज दिल्ली बच्चों की रंग-बिरंगी कल्पनाओं, जोश और रचनात्मकता से सराबोर है। 26 जून तक चलने वाले इस ‘नटखट उत्सव’ का आयोजन शिक्षा निदेशालय और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के सहयोग से किया जा रहा है।”

यह उत्सव दिल्ली सरकार के 44 स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों के दौरान आयोजित कला कार्यशालाओं की शानदार परिणति है, जिनमें 2000 से अधिक विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, रंगमंच और ललित कला का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रत्येक विधा के लिए अलग-अलग 11-11 केंद्र बनाए गए—संगीत, नृत्य, थिएटर और ललित कला—जिससे विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिला। 550 से अधिक छात्रों की कलाकृतियाँ जमा की गईं, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ का चयन कर एक विशेष कला प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही नृत्य, संगीत और रंगमंच में चयनित श्रेष्ठ प्रस्तुतियाँ का इस उत्सव में मंचन हो रहा है।

दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने यह भी बताया कि सरकारी स्कूलों में सांस्कृतिक गतिविधियाँ बच्चों में आत्मविश्वास जगाती हैं और उनकी प्रतिभा को सही दिशा देती हैं। नटखट उत्सव अब राजधानी के रचनात्मक स्वरों का उत्सव बन चुका है।

साहित्य कला परिषद के कार्यक्रम अधिकारी विनीत पालीवाल ने कहा, “हर वर्ष नटखट उत्सव विद्यार्थियों, उनके गुरुओं और दर्शकों के लिए एक खोज और आनंद की यात्रा होती है। यह केवल कार्यशालाओं का समापन नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति और सामूहिक रचनात्मकता का उत्सव है।”

उत्सव में शास्त्रीय व समकालीन नृत्य शैलियों की प्रस्तुति, सुरमयी संगीत, और सामाजिक संदेशों से ओतप्रोत नाट्य प्रदर्शनों के माध्यम से बच्चों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और कलात्मक विरासत का अद्भुत चित्रण किया।

कला प्रदर्शनी 24 से 26 जून तक सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी जिसमें छात्रों द्वारा बनाई गई चित्रकलाएँ, शिल्प और अन्य रचनाएँ प्रदर्शित की गई हैं। इसके अतिरिक्त कार्यशालाओं की झलक दिखाती एक विशेष फोटोग्राफिक प्रदर्शनी भी लगाई गई है जो छात्रों और शिक्षकों के बीच के रचनात्मक संवाद को उजागर करती है। इस अवसर पर 2025 संस्करण की स्मारिका भी जारी की गई।

‘नटखट उत्सव’ अपने 40वें वर्ष में प्रवेश करते हुए दिल्ली सरकार के स्कूलों के उभरते कलाकारों के लिए एक सशक्त सांस्कृतिक मंच बन चुका है। यह इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर रचनात्मकता हर बाधा को पार कर जाती है।

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