दिल्ली प्रदूषण की लड़ाई मे एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में बदल रही है – मनजिंदर सिंह सिरसा

Date:

  •  सिरसा ने दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए हाई-टेक ऑटोमैटिक मिस्ट सिस्टम का मौके पर मुआयना किया

नई दिल्ली,। 20 जून 2025 । दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज लोधी रोड पर ऑटोमैटिक मिस्टिंग सिस्टम का ग्राउण्ड इंस्पेक्शन किया। यह हाई-प्रेशर मिस्ट स्प्रेयर धूल के कणों को दबाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। ये सिस्टम न केवल सेंट्रल दिल्ली में बल्कि द्वारका की डी.डी.ए. सड़कों पर भी चालू हैं, जिससे राजधानी के केंद्र और बाहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

निरीक्षण के दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “दिल्ली बदल रही है। हम प्रदूषण से लड़ने के लिए डेटा-ड्रिवन और टेक्नोलॉजी-बेस्ड सॉल्यूशन्स लागू कर रहे हैं। दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए किये जा रहे काम आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक बेंचमार्क बनेंगे। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित दिल्ली’ के सपने को, हमारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, साकार करने की दिशा में यह एक ठोस पहल है।”

लोधी रोड पर पूरा हो चुका यह प्रोजेक्ट 560 मीटर में फैला हुआ है, जहां 15 पोल लगाए गए हैं। हर पोल पर 30 हाई-प्रेशर ब्रास और स्टेनलेस स्टील मिस्टिंग नोज़ल्स लगाए गए हैं, जो 40 बार प्रेशर पर 2.8 लीटर प्रति घंटा की दर से अल्ट्रा-फाइन मिस्ट स्प्रे करते हैं। यह सिस्टम 10 HP के मिस्टिंग पंप से संचालित होता है, जिसमें SS पाइपलाइन, RO यूनिट, PVC टैंक, कंट्रोल पैनल और एक समर्पित पंप रूम शामिल है। इस पूरे सिस्टम की कुल लागत पंपरूम सहित ₹34 लाख रही है।

लोधी रोड और द्वारका के अलावा, अफ्रीका एवेन्यू (850 मीटर, 30 पोल) और शांति पथ (900 मीटर, 30 पोल) पर भी ऐसे ही सिस्टम लगाए जा रहे हैं। मंत्री ने बताया कि अगले चरण में 25 से अधिक दिल्ली की प्रमुख सड़कों जैसे भवन दास रोड, तिलक मार्ग, जाकिर हुसैन मार्ग, शाहजहाँ रोड, अशोक रोड, हनुमान मंदिर, खान मार्केट आदि को भी कवर किया जाएगा।

मंत्री ने आगे बताया कि सरकार की व्यापक रणनीति के तहत पूरे वर्ष 1,000 वाटर स्प्रिंकलर, 140 एंटी-स्मॉग गन, 200 मैकेनिकल रोड स्वीपर, 70 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर और 38 वॉटर टैंकर तैनात किए जा रहे हैं। मॉनिटरिंग के लिए GPS, कैमरा सेंसर और सेंट्रल डैशबोर्ड का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, 3000 वर्ग मीटर से बड़े सभी कमर्शियल हाईराइज़ बिल्डिंग्स—जैसे मॉल्स और होटल्स—को अनिवार्य रूप से रूफटॉप एंटी-स्मॉग गन लगाने का निर्देश दिया गया है। C&D साइट्स पर अनुपालन की निगरानी के लिए AI और डिजिटल टूल्स का उपयोग किया जा रहा है।

“दिल्ली की जनता ने देखा है कि पहले की सरकारों ने किस तरह जनता के संसाधनों को लूटा और शहर को प्रदूषण के हवाले कर दिया। वे केवल झूठे वादे और फोटो-ऑप तक सीमित रहे। आज, हमारी ट्रिपल इंजन सरकार के नेतृत्व में, दिल्ली में असली बदलाव दिख रहा है। हम घोटालों में नहीं, साइंस, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रहे हैं। यह सिर्फ एक नई सरकार नहीं, जवाबदेही और एग्जिक्यूशन का एक नया युग है।”

इन बहुस्तरीय पहलों के साथ, ऑटोमैटिक मिस्टिंग सिस्टम दिल्ली के क्लीन-एयर मिशन का एक मजबूत और दिखने वाला हिस्सा बन चुका है — जो शहरी पर्यावरणीय प्रशासन का एक नया राष्ट्रीय मॉडल पेश करने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी और टेक्नोलॉजी-आधारित परिवर्तन है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related