नई दिल्ली,। 19 जून 2025 । गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में 951-1000 बैंड में जगह बनाई हैं।
यूनिवर्सिटी 2025 में 1001-1200 बैंड और अपने डेब्यू वर्ष 2024 में 1401+ बैंड में थी।
इस मान्यता ने यूनिवर्सिटी को वैश्विक स्तर पर शीर्ष 1000 संस्थानों में रखा है, जिनमें से 8467 संस्थानों का मूल्यांकन किया गया था और अंतिम तालिका में 1501 को रखा गया।
इस सूची में शामिल सभी भारतीय संस्थानों में आईपीयू 35वें स्थान पर है।
सबसे उल्लेखनीय सुधार ‘प्रति फैकल्टी उद्धरण’ संकेतक में है, जहां विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर 384वें स्थान पर है, जो इसके बढ़ते शोध प्रभाव और विद्वानों की दृश्यता को दर्शाता है। यह वर्तमान चक्र में विश्वविद्यालय के लिए उच्चतम स्कोरिंग घटकों में से एक है और शोध आउटपुट में मात्रा और गुणवत्ता दोनों को इंगित करता है।
यूनिवर्सिटी के कुलपति पद्मश्री प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय संकाय, शोधकर्ताओं, छात्रों और कर्मचारियों के सामूहिक समर्पण को दिया। उन्होंने कहा कि क्यूएस की नवीनतम मान्यता विश्वविद्यालय के शिक्षण के साथ शोध को एकीकृत करने, छात्र-केंद्रित अध्यापन को मजबूत करने और अपनी वैश्विक पहुंच का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित करने की पुष्टि करती है।
उन्होंने कहा कि यह प्रगति शैक्षणिक उत्कृष्टता, अत्याधुनिक शोध, वैश्विक जुड़ाव और स्थिरता की दिशा में विश्वविद्यालय के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि तीन वर्षों के दौरान, यूनिवर्सिटी ने न केवल समग्र रैंकिंग में काफी सुधार किया है, बल्कि व्यक्तिगत प्रदर्शन मेट्रिक्स में भी अपना प्रभाव विस्तारित किया है। “क्यूएस द्वारा यह मान्यता न केवल गुणवत्ता शिक्षा और प्रभावशाली शोध पर हमारे ध्यान की पुष्टि करती है, बल्कि हमारी संस्थागत संस्कृति की समावेशिता, नवाचार और निरंतर सुधार को भी इंगित करती है।
पिछले तीन वर्षों की यह सतत् बढ़त यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक मानकों को बढ़ाने, वैश्विक जुड़ाव का विस्तार करने और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अटूट समर्पण को दर्शाती है।
प्रो. वर्मा ने आगे कहा कि यूनिवर्सिटी का वैश्विक रैंकिंग में विकास उत्कृष्टता, समानता और नैतिक अभ्यास में निहित एक वैश्विक स्तर पर सम्मानित ज्ञान संस्थान बनने के उसके दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
